A Letter to God: Explanation in Hindi Class 10 English CBSE

About the Author 

Gregorio López Fuentes (17 November 1897- 10 December 1966) was a Mexican writer. He is known for his best work "A Letter to God". He was one of the leading causes of the Mexican Revolution. 

In his youth, he spent much time in his father’s general store. After unsuccessful efforts at poetry and novels, he began to draw upon his experiences in the Revolution. Later on, he became a teacher at a school in Mexico City. In 1921, he began writing under the G.L. Fuentes pseudonym. 

His stories were seen as exciting and humorous for the people of Mexico. However, many of his works oppressed Native Americans. He was awarded the National Prize of Arts and Sciences in 1935. 

पढ़ने से पहले

कहा जाता है कि विश्वास पहाड़ों को भी हिला सकता है। लेकिन हमें किस चीज़ पर विश्वास करना चाहिए? यही प्रश्न यह कहानी बहुत ही सुकुमार तरीके से प्रस्तुत करती है। 

लेन्चो एक किसान है, जो अपनी फसल नष्ट हो जाने पर भगवान को एक पत्र लिखता है और सौ पेसो माँगता है। क्या लेन्चो का पत्र भगवान तक पहुँचता है? क्या भगवान उसे पैसे भेजते हैं? पढ़ना शुरू करने से पहले सोचिए कि इन सवालों के आपके जवाब क्या होंगे, और अनुमान लगाइए कि कहानी आगे कैसे बढ़ती है।

A Letter to God: Explanation in Hindi

पूरी घाटी में, एकमात्र घर जो एक निचली पहाड़ी के शिखर पर स्थित था। इस ऊंचाई से, कोई भी नदी और फूलों से सजे पके मकई के खेत को देख सकता था जो हमेशा अच्छी फसल होने का वादा करते थे। उस खेत को केवल एक चीज की आवश्यकता थी, वह थी भारी बारिश या हल्की-फुल्की बारिश की बौछार। लेन्चो, अपने खेत की जरुरत को अच्छी तरह से समझता था। उसने सुबह से कुछ नही किया, बस उत्तर-पूर्व की ओर आकाश को देखता रहा, कि कब बारिश होगी।

लेन्चो कहता है - अब हमें सच में थोड़ा सा बारिश का पानी मिलने वाला है, प्रिय। महिला (लेन्चो की पत्नी) जो रात्रि का भोजन तैयार कर रही थी, कहती है - हाँ, अगर ईश्वर ने चाहा तो। और फिर महिला ने बड़े लड़के जो खेत में काम कर रहा था और छोटे लड़के जो घर के पास खेल रहा था, सभी को रात्रि के भोजन के लिए बुलाया।

भोजन के दौरान ही, जैसा कि लेन्चो ने भविष्यवाणी की थी, बारिश की बड़ी बूँदें गिरना शुरू हो गई। उत्तर-पूर्व में बादलों के विशाल पर्वत आते दिखाई दे रहे थे। ताजी और मीठी हवा चल रही थी। लेन्चो बाहर निकला, किसी अन्य कारण से नहीं बल्कि अपने शरीर पर बारिश कि बूंदों को महसूस करने का आनंद लेने लेने के लिए, और जब वह वापस लौटा तो कहता है, 

“ये आसमान से गिरने वाली बारिश की बूंदें नहीं हैं, ये नए सिक्के हैं। बड़ी बूंदें दस के सिक्के हैं और छोटी बूंदें पांच के सिक्के हैं।

लेन्चो  ने संतुष्ट भाव से बारिश के पर्दे में लिपटे हुए फूलों वाले पके हुए मकई के खेत को देखा। लेकिन अचानक तेज़ हवा चलने लगी और बारिश के साथ-साथ बहुत बड़े-बड़े ओले भी गिरने लगे। ये वास्तव में नये चाँदी के सिक्कों के समान थे। उनके लड़के, खुद को बारिश से बचाते हुए, ओले के जमे हुए मोतियों को इकट्ठा करने के लिए बाहर भागे।

"अब सचमुच बहुत बुरा हो रहा है," लेन्चो ने चिल्लाकर कहा। "मुझे आशा है कि यह ओलेवाली बारिश जल्दी से गुजर जाएगा।" लेकिन ऐसा नहीं हुआ। एक घंटे तक घर, बगीचे, पहाड़ी, मक्के के खेत और पूरी घाटी में ओले बरसते रहे। ओले के कारण खेत सफ़ेद हो गया था, मानो नमक से ढका हुआ हो।

पेड़ों पर एक भी पत्ता नहीं बचे। मक्का पूरी तरह नष्ट हो गया था। पौधों से फूल उड़ गये थे। लेन्चो की आत्मा दुःख से भर गया था। जब तूफ़ान थम गया, तब लेन्चो खेत के बीच में खड़ा होकर अपने बेटों से कहता है - "टिड्डियों के उत्पात से तो कुछ फसल बच भी जाता है लेकिन ओलों ने तो कुछ नहीं छोड़ा। इस साल हमारे पास मक्का नहीं होगा।"

लेन्चो और उसके परिवार के लिए वह बहुत दुखद रात थी। लेन्चो रात भर यही सोचता रहा कि, "हमारा सारा मेहनत बेकार चला गया, यहाँ कोई नहीं है जो हमारी मदद कर सके, इस साल हम सब भूखे रहेंगे।"

लेकिन घाटी के बीच में उस अकेले घर में रहने वाले सभी लोगों के दिलों में एक ही उम्मीद थी, और वो थी - भगवान से मदद की। 

“भले ही यह पूर्ण क्षति जैसा है, फिर भी इतना परेशान मत हो। याद रखो कि कोई भी भूखा नहीं मरता।” "लोग भी यही कहते हैं कि कोई भूख से नहीं मरता।" 

रात भर, लेन्चो यही सब सोचता रहा और अपनी एक मात्र उम्मीद लगाये रखा, जो था - ईश्वर से मदद, क्यों कि उसका मानना था कि  ईश्वर की आँखें सब कुछ देखती हैं, यहाँ तक कि किसी के अंतरात्मा की आवाज भी सुन लेती है।

लेन्चो बहुत ही मेहनती किसान था, वह अपनी खेतों में कड़ी मेहनत करता था, लेकिन वह पढ़ना-लिखना भी जानता था। अतः अगले रविवार, सुबह-सुबह, उसने एक पत्र लिखना शुरू किया जिसे वह स्वयं शहर ले जाता और डाक से भेजता। यह कुछ और नहीं, लेन्चो द्वारा ईश्वर को लिखा गया एक पत्र था।

लेन्चो ने पत्र में लिखा, "हे भगवान, अगर आप मेरी मदद नहीं करेंगे तो मैं और मेरा परिवार इस साल भूखे रहेंगे। मुझे अपना खेत दोबारा बोने और फसल आने तक जीवित रहने के लिए १०० पेसोस की जरूरत है, क्योंकि ओलावृष्टि हुई है...'' 

उसने लिफाफे पर पत्र को कहाँ जाना है वाले पता में सिर्फ "भगवान के लिए" लिखा, पत्र को अंदर रखा और हैरान-परेशान शहर चला गया। डाकघर पहुँच कर लेन्चो ने पत्र पर एक मोहर/डाक टिकट लगाया और उसे डाक-बक्से में डाल दिया।

वहां बैठे कर्मचारियों में से एक, जो कि डाकिया था और डाकघर में लोगों की मदद भी करता था, दिल/जोर से हँसते हुए अपने बॉस/व्यवस्थापक के पास गया और उसे भगवान को लिखा पत्र दिखाया। डाकिया ने अपने पेशे में कभी भी उस पते को नहीं जाना था जो भगवान तक जाता हो।

पोस्टमास्टर/डाकपाल जो एक मोटा और मिलनसार व्यक्ति था, भी हँसने लगा, लेकिन तुरंत ही वह गंभीर हो गया और पत्र को अपनी मेज पर थपथपाते हुए कहा, "भगवान के साथ पत्र-व्यवहार शुरू करना! वाह, क्या विश्वास है! काश, मुझे उस आदमी का विश्वास होता जिसने यह पत्र लिखा है।”

अतः लेखक का ईश्वर में विश्वास न डगमगाए, इसके लिए डाकपाल को एक विचार आया कि - पत्र का जवाब देते है। लेकिन जब उन्होंने इसे खोला, तो यह स्पष्ट हो गया कि इसका उत्तर देने के लिए उन्हें दया-भाव, स्याही और कागज से अधिक कुछ और भी चाहिए होगा।

फिर भी वह अपने प्रस्ताव/संकल्प पर अड़े रहे और अपने वेतन का कुछ हिस्सा देकर अपने अन्य कर्मचारियों से सहयोग के लिए पैसे मांगे, और उनके कई दोस्त भी 'दान के कार्य के लिए' कुछ-न-कुछ देने के लिए आगे बढ़े।

डाकपाल के लिए १०० पेसोस इकट्ठा करना असंभव था, इसलिए वह किसान को आधे से थोड़ा अधिक ही भेज सका। उसने एकत्रित पैसे एक लिफाफे में रख कर लेन्चो को भेज दिया और साथ में एक पत्र भी रख दिया था जिसमें हस्ताक्षर के रूप में केवल एक शब्द लिखा था- भगवान।

अगले रविवार को लेन्चो सामान्य समय से थोड़ा पहले यह पूछने आया कि क्या उसके लिए कोई पत्र है। उस डाकिया ने खुद उसे पत्र सौंपा, जबकि डाकपाल, एक अच्छे काम करने वाले व्यक्ति की संतुष्टि का अनुभव करते हुए, अपने कार्यालय से यह सब देख रहा था।

पैसे देखकर लेन्चो को तनिक भी आश्चर्य नहीं हुआ; ऐसा लेन्चो का ईश्वर के प्रति आत्मविश्वास था - लेकिन जब उसने पैसे गिने तो वह क्रोधित हो गया। क्योंकि उसका  ईश्वर ऐसा गलती नहीं कर सकता था, और न ही उसकी प्रार्थना को अस्वीकार कर सकता था। 

तुरंत, लेन्चो कागज और स्याही मांगने के लिए खिड़की के पास गया। सार्वजनिक लेखन-मेज पर, उसने अपने विचारों को व्यक्त करने के लिए किए गए प्रयास के कारण, अपनी भौंहों पर बहुत अधिक झुर्रियाँ डालते हुए लिखना शुरू किया। जब उसका काम पूरा हो गया, तो वह एक मोहर/डाक टिकट खरीदने के लिए खिड़की के पास गया जिसे उसने चाटा और फिर अपनी मुट्ठी के झटके से लिफाफे पर चिपका दिया।

जैसे ही पत्र डाक-बक्से में गिरा, डाकपाल उसे खोलने गया। इसमें लिखा था - "भगवान! मैंने जो पैसा मांगा था, उसमें से केवल ७० पेसोस  ही मुझ तक पहुंचे। मुझे बाकी के पैसे भेज दीजिये, क्योंकि मुझे इसकी बहुत ज़रूरत है। लेकिन इस बार मुझे डाक के माध्यम से मत भेजना क्योंकि डाकघर के कर्मचारी बदमाशों का एक समूह हैं। 
-आपका लेन्चो।”

मौखिक बोध प्रश्न

  1. क्या लेन्चो को यह देखकर आश्चर्य हुआ कि उसके लिए एक चिट्ठी आई है जिसमें पैसे थे?
  2. किस बात ने उसे क्रोधित कर दिया?

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Dust of Snow - Explanation in Hindi

रॉबर्ट फ्रॉस्ट

एक कौए ने
मेरे ऊपर
हेमलॉक के पेड़ से
बर्फ की धूल झाड़ दी।

व्याख्या: कवि बताता है कि अचानक एक कौए द्वारा हेमलॉक पेड़ से गिराई गई बर्फ की हल्की धूल उस पर पड़ती है। कौआ और हेमलॉक—दोनों को सामान्यतः अशुभ माना जाता है, लेकिन यही छोटी-सी घटना कवि के जीवन में बदलाव लाती है। उदाहरण: जैसे कभी बहुत उदास मन से स्कूल या ऑफिस जाते समय कोई बच्चा मुस्कुरा दे या कोई अजनबी मदद कर दे—तो मन हल्का हो जाता है।

इसने मेरे दिल को
एक नया मूड दे दिया
और उस दिन का कुछ हिस्सा
बचा लिया, जिसे मैं पछता रहा था।

व्याख्या: इस छोटी-सी घटना से कवि का मन बदल जाता है। जो दिन उसे खराब लग रहा था, उसका कुछ हिस्सा सुंदर बन जाता है। कवि यह बताता है कि छोटी घटनाएँ भी हमारे पूरे दिन की दिशा बदल सकती हैं। उदाहरण: जैसे किसी कठिन दिन में एक प्रेरणादायक बात, संगीत सुनना या किसी प्रिय का फोन आना—दिन को बेहतर बना देता है।

Theme (विषय/प्रसंग): जीवन में छोटी और साधारण घटनाएँ भी हमारे मन और दृष्टिकोण को सकारात्मक रूप से बदल सकती हैं।

Main Idea (मुख्य विचार/धारणा): नकारात्मक परिस्थितियों में भी आशा और आनंद के छोटे क्षण छिपे होते हैं, जो पूरे दिन को बेहतर बना सकते हैं।

Poetic Device Used

Reference 

Explanation 

Imagery




Symbolism



Rhyme Scheme



Alliteration



Enjambment

Dust of snow, crow, hemlock tree



Crow and Hemlock



ABAB CDCD



“Has given my heart”



Continuation of lines

बर्फ की धूल, कौआ और पेड़ का दृश्य पाठक के मन में स्पष्ट चित्र बनाता है


कौआ और हेमलॉक जीवन की नकारात्मकता और दुख के प्रतीक हैं


कविता में तुकांत लय बनाए रखता है


‘h’ ध्वनि की पुनरावृत्ति कविता को मधुर बनाती है


पंक्तियाँ बिना विराम अगली पंक्ति में बहती हैं, जिससे प्रवाह बना रहता है

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Fire and Ice - Explanation in Hindi

रॉबर्ट फ्रॉस्ट

कुछ लोग कहते हैं कि दुनिया आग से समाप्त होगी,
कुछ कहते हैं कि बर्फ से।
मैंने जिस तरह इच्छा (वासना) को महसूस किया है,
उस आधार पर मैं आग को मानने वालों के साथ हूँ।

व्याख्या: कवि बताता है कि दुनिया के अंत को लेकर अलग-अलग मत हैं—आग या बर्फ। ‘आग’ यहाँ तीव्र इच्छाओं, लालच और वासना का प्रतीक है। कवि अपने अनुभव से कहता है कि इच्छा/वासना इतनी प्रबल होती है कि यह विनाश का कारण बन सकती है। उदाहरण: जब लालच, सत्ता की भूख या अत्यधिक महत्वाकांक्षा के कारण रिश्ते टूट जाते हैं या युद्ध छिड़ जाते हैं—यह ‘आग’ जैसे विनाश को दर्शाता है।

लेकिन अगर दुनिया को दो बार नष्ट होना पड़े,
तो मैं नफ़रत को भी इतना जानता हूँ
कि यह कह सकूँ—विनाश के लिए
बर्फ भी कम नहीं,
वह भी पर्याप्त है।

व्याख्या: यहाँ ‘बर्फ’ नफ़रत, ठंडापन, उदासीनता और कठोरता का प्रतीक है। कवि कहता है कि अगर इच्छा, लालच और वासना से दुनिया नष्ट न हो, तो नफ़रत और संवेदनहीनता भी उतनी ही खतरनाक हैं। उदाहरण: जब लोग एक-दूसरे के प्रति बेरुखे हो जाते हैं, संवाद खत्म हो जाता है और समाज में घृणा बढ़ती है—तो यह धीरे-धीरे सब कुछ नष्ट कर देती है। 

Theme (विषय/प्रसंग): मानव भावनाएँ—इच्छा और नफ़रत—दुनिया के विनाश का कारण बन सकती हैं।

Main Idea
(मुख्य विचार/धारणा):
अत्यधिक इच्छा (Desire) और नफ़रत (Hate)—दोनों ही समान रूप से विनाशकारी हैं।

Poetic Device Used

Reference 

Explanation 

Symbolism



Imagery



Metaphor


Rhyme Scheme


Alliteration

Fire and Ice



Fire, ice, destruction


Human emotions as natural forces


ABAABCBCB


“Some say”, “favour fire”

आग = इच्छा/वासना, बर्फ = नफ़रत/उदासीनता का प्रतीक


विनाश की सशक्त मानसिक छवि प्रस्तुत करता है


मानवीय भावनाओं को प्राकृतिक शक्तियों के रूप में दिखाया गया है


कविता में लय और प्रवाह बनाए रखता है


‘s’ और ‘f’ ध्वनि की पुनरावृत्ति

About the Poet

Robert Frost (1874–1963) was one of the most celebrated American poets of the 20th century. He is best known for his simple yet profound poems that focus on nature, rural life, and human emotions. He was born in San Francisco but moved to New England after his father’s death. The peaceful countryside of New England played a major role in shaping his poetic imagination. Many of his poems, such as Stopping by Woods on a Snowy Evening, The Road Not Taken, Birches, Fire and Ice, and Dust of Snow, are set against natural landscapes and reflect his love for nature.

Before becoming a successful poet, Frost worked as a teacher, a farmer, and even tried his hand at various other jobs. His early years were filled with challenges, failures, and financial difficulties. However, he remained committed to writing poetry. His major breakthrough came when he moved to England in 1912, where his first two books were published and widely appreciated. 

Robert Frost received four Pulitzer Prizes during his lifetime—an extraordinary achievement that highlights his mastery of poetry.

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